भारत केवल संतों, महापुरूषों और देशभक्तों की जन्मभूमि ही नहीं है बल्कि विलक्षण प्रतिभा के धनी लोगों की कर्मभूमि भी है। जब भारत अंग्रेजों का गुलाम था तो भारत को आज़ाद करवाने में देश के कोने कोने से प्रत्येक वर्ग के बच्चों,युवाओं और बुजुर्गों ने अपने अपने तरीके से योगदान दिया जिनकी वजह से देश स्वतंत्र हुआI इस आजादी आन्दोलन के सबसे बड़े महानायक थे मोहनदास करमचंद गांधी जी, जिनका जन्म दिन प्रति वर्ष 2 अक्टूबर को भारत में गांधी जयंती के रूप में और पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। वे सत्याग्रह के माध्यम से अत्याचार के प्रतिकार के अग्रणी नेता थे,उनकी इस अवधारणा की नींव सम्पूर्ण अहिंसा के सिद्धांत पर रखी गयी थी जिसने भारत को आजादी दिलाकर पूरी दुनिया में जनता के नागरिक अधिकारों एवं स्वतंत्रता के प्रति आन्दोलन के लिए प्रेरित किया I उन्हें दुनिया महात्मा गाँधी के नाम से जानती है कुछ इतिहासकारों के मतानुसार उन्हें यह संबोधन सबसे पहले 1915 में राजवैद्य जीवराम कालीदास ने दिया था जिसका अर्थ संस्कृत भाषा म...