जब किसी समाज में सारे व्यक्ति किसी निर्दिष्ट भौगोलिक सीमा के अन्दर अपने पारस्परिक भेद-भावों को भुलाकर सामूहीकरण की भावना से प्रेरित होते हुए एकता के सूत्र में बंध जाते हैं तो एक देश का निर्माण होता है I किसी भी देश की स्थिरता को बनाए रखने में राष्ट्रीय एकीकरण की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता जिसके माध्यम से सांप्रदायिक सौहार्द एवं संपूर्ण विकास संभव होता है। राष्ट्रीय एकीकरण न केवल जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद आदि से लड़ता है अपितु राष्ट्र के प्रति वफादारी और भाईचारे की भावना में सुधार करने में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है I इसी राष्ट्रीय एकता के बेजोड़ शिल्पी सरदार वल्लभभाई पटेल थे जिन्होंने अपनी संगठन कुशलता, राजनीति सत्ता तथा राष्ट्रीय एकता के प्रति अटूट निष्ठा के चलते जिस अदम्य उत्साह एवं असीम शक्ति से नवजात गणराज्य की प्रारंभिक कठिनाइयों का समाधान किया, उसके कारण विश्व के राजनीतिक मानचित्र में उन्होंने अमिट स्थान बना लिया I देश की आजादी के संघर्ष में उन्होंने जितना योगदान दिया, उससे ज्यादा योगदान उन्होंने स्वतंत्र भारत को एक करने में दि...