नशा भले ही शान और लत के लिए किया जाता हो, पर यह जिंदगी की बेवक्त आने वाली शाम का भी मुख्य कारण है, जो कब जीवन में अंधेरा कर जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। आप इसका मजा भले ही दिनभर के कुछ सेकंड के लिए लेते हैं, लेकिन यह मजा, कब आपके लिए जिंदगी भर की सजा बन जाए, आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते।धूम्रपान का सेवन करना, स्पष्टतः जीवन को नरक से भी बदत्तर बनाना है। इससे आर्थिक, शारीरिक और सामाजिक आदि हर स्तर पर नुकसान ही नुकसान होता है। एक तरह से धूम्रपान एवं तम्बाकू का सेवन, खुशहाल जीवन का अजेय दुश्मन कहा जा सकता है। यदि विशेषज्ञों की शोध रिपोर्टों का अवलोकन और धूम्रपान एवं तम्बाकू के कुप्रभावों का आकलन किया जाए तो रौंगटे खड़े हो जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक विश्व में लगभग डेढ़ अरब लोग धूम्रपान करते हैं और लगभग 50 लाख लोग प्रतिवर्ष धूम्रपान के घातक प्रभावों के कारण अकाल मौत के शिकार हो जाते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन धूम्रपान करने वालों के सम्पर्क में रहने के कारण प्रतिवर्ष धूम्रपान न करने वाले 6 लाख अतिरिक्त व्यक्ति भी काल की भेंट चढ़ जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार वर्ष 2030 तक तम्बाकू सेव...