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Showing posts from June, 2022

जहाँ स्वच्छता वहां लक्ष्मी का वास

  जिंदगी की इस भागम-भाग में कौन एक अच्छा जीवन नहीं जीना चाहता, परन्तु एक अच्छे जीवन के लिए सबसे  जरूरी है बेहतर स्वास्थ्य।  स्वस्थ रहने के लिए लोग  जिम जाने के लेकर खाने में बहुत तरह की एहतियात बरतते हैं। लोग कभी नहीं चाहते कि वो कुछ बुरा खाकर या आलसी रहकर खुद को बीमार करें, लेकिन इसी बीच वो ये भूल जाते हैं कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए व्यक्तिगत  स्वच्छता अर्थात   पर्सनल हाइजीन बहुत जरूरी है। हाइजीन का अर्थ है स्वस्थ रहने का तरीका. यह न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी ज़रूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर आपके मन-मस्तिष्क पर पड़ता है I इसकी अनदेखी से जहां एक ओर हमें  शारीरिक परेशानियां हो सकती हैं, वहीं दूसरी ओर हम  किसी संक्रामक बीमारी की चपेट में भी आ सकते हैं I हमारे भारतीय संस्कारों में भी  सदियों से एक मान्यता है कि जहाँ साफ सफाई होती है वही पर लक्ष्मी का वास होता है। लेकिन यह बात भी सच है कि साफ सफाई का हमारे स्वास्थ्य से भी घनिष्ठ संबंध है। तभी तो जब हम गंदगी के संपर्क में आते है तो उसका सीधा कुप्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर ...

तन,मन और मानवता के लिए संजीवनी है योग

 वर्तमान में शारीरिक रूप से लगभग निष्क्रिय हो चुकी अपनी जीवन शैली में अगर आप सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं तो इसका सबसे आसान, प्रभावी और सुरक्षित माध्यम योग है, वो भी बिना कुछ खर्च किए। विज्ञान भी इस बात को स्वीकारता है कि मांसपेशियों की ताकत और शरीर के लचीलेपन में वृद्धि, श्वसन और हृदय संबंधी बेहतर गतिविधि, व्यसन से उबरना, तनाव, चिंता, अवसाद और लंबे समय से चले आ रहे दर्द में कमी, नींद की प्रकृति में सुधार के साथ-साथ समग्र स्वास्थ्य लाभ के लिए योग सबसे बेहतरीन उपाय है। योग की इसी क्षमता का असर है कि आज इसकी लोकप्रियता भारत के दायरे से बाहर निकल कर पूरी दुनिया में फैल चुकी है। योग केवल व्यायाम नहीं है, बल्कि स्वयं के साथ, विश्व और प्रकृति के साथ एकत्व खोजने का भाव है। योग हमारी जीवन शैली में परिवर्तन लाकर हमारे अंदर जागरुकता उत्पन्न करता है तथा प्राकृतिक परिवर्तनों से शरीर में होने वाले बदलावों को सहन करने में सहायक हो सकता है  आम हो या खास, युवा हो या बुजुर्ग, महिला हो या बच्चे, आस्तिक हो या नास्तिक,‘योग’ आज सभी उम्र के लोगों के शरीर, ऊर्जा, मस्तिष्क और मनोभाव की पहचान बन गया...

वन हैं तो जीवन है- जितनी जल्दी समझ जाएं अच्छा है

विश्व पर्यावरण दिवस वैश्विक स्तर पर पर्यावरण और उसके विभिन्न घटकों के संरक्षण के लिए आयोजित किया जाने वाला सबसे बड़ा अभियान है, जिसका  लक्ष्य पृथ्वी वासियों को पर्यावरण की महत्ता, वातावरण को स्वच्छ बनाना  एवं उसके संरक्षण के लिए जागरूक बनाना है।  यह हर वर्ष 5 जून को 100 से ज्यादा देशों में मनाया जाता है, हालाँकि कोरोना वायरस द्वारा प्रकृति पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव एवं बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग के कारण वातावरण लगातार अशुद्ध हो  रहा है, ऐसे में आने वाली पीढ़ी के लिए इसे अनुकूल बनाने के संकल्प का दिन है विश्व पर्यावरण दिवस I जिसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा मानव पर्यावरण के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन से 1972 में हुई थी I इस दिवस पर स्कूल, कॉलेज व अन्य स्थानों पर विभिन्न तरह की पर्यावरण संबंधी गतिविधियां जैसे  निबंध, भाषण, क्विज, कला प्रतियोगिता, बैनर प्रदर्शन, नुक्कड़-नाटक, रैली  आदि के जरिए लोगों को बृहद रूप से वृक्षारोपण, प्रकृति प्रेम, वृक्ष कटाई से रोकने के लिए जागरूक किया जाता है प्रकृति के प्रति सकारात्मक रवैये को लेकर लोगों को जा...