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नव वर्ष पर लिया गया एक छोटा सा संकल्प लायेगा जिन्दगी में वदलाव

 साल 2022 अब अपने आखिरी पड़ाव पर है सभी लोग इसे अलविदा कहने के लिए तैयार है I नए साल के स्वागत की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। लोग नए साल का स्वागत हर्ष और उल्लास के साथ करेंगे। सभी नए साल को शुभ मानते हैं इसलिए  नव वर्ष में लोग  अपनी जिन्दगी में कुछ  बदलाव या संकल्प लेकर एक नयी शुरुआत करने की कोशिश करते हैं I  किसी कार्य को करने के लिए दृढ़ निश्चय कर लेना या  इरादा बना लेना या मन मे ऐसा विचार बना लेना कि किसी बुरी आदत को छोड़ना है और कार्य को   हर हालात में पूरा करना हैं, संकल्प  कहलाता है । हम में से कितनों ने तो नये साल के लिए बहुत सारे  संकल्प बना लिए होंगे,  पर क्या वाकई हम उन संकल्पों को पूरा कर पाते है ? शायद नहीं, हम में से ऐसे लोगों की संख्या अधिक होगी जोकि अपने संकल्प पर पूरा साल नहीं टिक  पाए होंगे I खैर,  एक अच्छी बात है कि कम से कम इस बहाने हम पहल तो करते हैं किसी बुरी आदत को छोड़ने की I वास्तव में नव वर्ष पर लिया गया संकल्प आपके आत्म सुधार के लिए बहुत जरुरी है Iअक्सर ऐसा देखा जाता है कि हम वर्ष के पहले कुछ महीने तक तो लिए हुए संकल्पों को निभाने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन फिर धीरे धीरे उस से दूर होते जाते हैं । अगर हम निभा न सकें तो बेहतर  है कि संकल्प ही न लें । जो जैसा चल रहा है उसे वैसा चलने दीजिये। पर  अगर हम अपने लिए  कुछ  करना चाहते है,तो परिवर्तन आना लाज़मी  है। जीवन में परिवर्तन लाना हमेशा से ही एक कठिन कार्य रहा है क्यूंकि हम आरामदायक जिन्दगी में कुछ नयापन आसानी से स्वीकार नहीं कर पाते । परिवर्तन को स्वीकार करना सबसे पहला कदम है । कई बार हम परिवर्तन को स्वीकार किये बिना ही नव वर्ष संकल्प ले लेते हैं जिसके फलस्वरूप यह अधूरा ही  रह जाता है I

वैसे हमें यह समझना होगा कि  संकल्प की सोच आखिर  आती कैसे है? या तो हमें किसी विषय के प्रति चिंता होने लगती है, जैसे हमारे स्वास्थय सुधार के लिए किये गए संकल्प या फिर हमारे मस्तिष्क में कोई सोच घर कर जाती है ,जैसे कि  इस वर्ष में किसी से भी बुरा बर्ताव नहीं करूँगा या मोबाइल का प्रयोग ज्यादा नहीं करूँगा  । अन्तंत: चिंता या किसी को दिखाने के लिए किये गए संकल्प का अंत, वर्ष के पहले महीने में ही होता नज़र आने लगता है।क्यों कि डर, चिंता और दबाव में लिए हुए फैसले अक्सर ज्यादा दिन नहीं चलते इसलिए जब मन पूरी तरह से तैयार हो तभी संकल्प लें I अपने संकल्पों को प्राप्त करने के लिए आपने जो लक्ष्य बनाये हैं , उन्हें छोटे छोटे लक्ष्यों में बाँटें । हर छोटे लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक समय सीमा निर्धारित करें । हर माह अपने लक्ष्य प्राप्ति की समीक्षा करिये शायद आप इसमें कामयाब हो जाएँ 

अक्सर  ऐसा देखा गया है कि जब हम  अपने संकल्पों को पूरा करने की  राह से भटक जाते हैं तो फिर यह सोच कर  अगले वर्ष का इंतज़ार करते हैं  कि इस वर्ष तो मैं  अपने संकल्पों को पूरा नहीं कर पाया लेकिन अगले नव वर्ष से मैं दुबारा से नयी शुरुआत करूँगा और यहीं  हम गलती करते हैं  इसलिए   नववर्ष का इंतज़ार मत कीजिये । इस खूबसूरत जिन्दगी की हर घड़ी शुभ है । सुबह निकलने वाली सूरज की वो पहली किरण ही हमारे संकल्प के लिए  रोज़ हमारा नववर्ष बन सकती है  इसलिए मन पक्का कीजिये और ऐसा संकल्प लीजिये जो आपकी जिंदगी बदल दे I बुरी आदतों को ऐसे छोड़ते जाओगे तो जिन्दगी  में एक बड़ा बदलाव पाओगे   और खुद को  बहुत ही आत्मविश्वासी, मजबूत और खुशहाल महसूस करोगे I इस आशा के साथ कि इस वर्ष लिया गया आपका संकल्प पूरा हो नव वर्ष की ढेर सारी शुभकामनाएं I


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