इन्टरनेट आधुनिक और उच्च तकनीकी विज्ञान का एक महत्वपूर्ण आविष्कार है। ये किसी भी व्यक्ति को दुनियां के किसी भी कोने में बैठे हुए महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करने की अद्भुत सुविधा प्रदान करता है। इसके माध्यम से हम लोग आसानी से किसी एक जगह रखे कम्प्यूटर को किसी भी एक या एक से अधिक कम्प्यूटर से जोड़कर जानकारी का आदान प्रदान कर सकते है। इंटरनेट के द्वारा हम कुछ सेकेंडों में ही बड़े या छोटे संदेशों, अथवा किसी प्रकार की जानकारी एक कम्प्यूटर या डिजीटल यंत्र जैसे टैबलेट, मोबाइल, कंप्यूटर से दूसरे यंत्र में काफी आसानी से भेज सकते है।
इंटरनेट के माध्यम से आमजन का जीवन आसान हो गया है क्योंकि इसके द्वारा हम बिना घर के बाहर गये ही अपना बिल जमा करना, फिल्म देखना, व्यापारिक लेन-देन करना, सामान खरीदना आदि काम कर सकते है। अब ये हमारे जीवन का एक खास हिस्सा बन चुका है हम कह सकते है कि इसके बिना हमें अपने रोजमर्रा के जीवन में तमाम मुश्किलें का सामना करना पड़ सकता है।इसकी सुगमता और उपयोगिता की वजह से, ये हर जगह इस्तेमाल होता है जैसे- कार्यस्थल, स्कूल, कॉलेज, बैंक, शिक्षण संस्थान, प्रशिक्षण केन्द्रों पर, दुकान, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, रेस्टोरेंट, मॉल और खास तौर से अपने घर पर हर एक सदस्यों के द्वारा अलग-अलग उद्देश्यों के लिये। जैसे ही हम अपने इंटरनेट सेवा प्रदाता को इसके कनेक्शन के लिये पैसे देते है उसी समय से हम इसका प्रयोग दुनिया के किसी भी कोने से एक हफ्ते या उससे ज्यादा समय के लिये कर सकते है।आज इंटरनेट हर किसी की अहम जरूरत बन गया है. किसी भी जानकारी को हासिल करना हो , रुपयो का ट्रांसफर करना हो सब जगह इंटरनेट का इस्तेमाल होता है. वहीं इंटरनेट के बढ़ते चलन के साथ ही इसके दुरुपयोग के मामलों में भी बेतहाशा इजाफा हुआ है साथ ही साइबर अपराध के मामले भी बढ़े हैं. सुरक्षित इन्टरनेट दिवस के दिन लोगों को इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जाता है l दुनियाभर के 150 देशों में आज सुरक्षित इन्टरनेट दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन इंटरनेट को एक बेहतर और सुरक्षित प्लैटफॉर्म बनाने के लिए मनाया जाता है। यह दिवस हर साल फरवरी के दूसरे हफ्ते में मनाया जाता है। इस साल का थीम 'ऑल फन एंड गेम्स? सम्मान और रिश्तों की ऑनलाइन खोज' रखा गया है। इसकी शुरुआत साल 2004 में हुई थी। यह दिवस उपयोगकर्ता को जागरूक करता है ताकि इंटरनेट से जुड़े अपराधों को कम किया जा सके। हाल के कुछ सालों में इंटरनेट पर बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में काफी बढ़ोतरी हुई है। बच्चे इंटरनेट पर क्या कर रहे हैं इसकी जानकारी रखना बेहद जरूरी है। हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि वे इंटरनेट पर किन लोगों के संपर्क में हैं। साथ ही यह भी जरूरी है कि आप बच्चों द्वारा विजिट की गई वेबसाइट्स को भी समय-समय पर चेक करते रहें। अगर आपको कुछ भी अजीब लगे तो बच्चे को इस बारे में प्यार से समझाएं।अपने बच्चों को स्मार्टफोन देने से पहले बच्चों के पसंदीदा ऐप्स या वेबसाइट्स के बारे में रिसर्च कर लें। बेहतर होगा कि आप इन्हें खुद चला कर चेक भी कर लें ताकि बच्चों से इन ऐप्स और वेबसाइट्स के बारे में आप बेहतर ढंग से बातचीत कर सकें और उनकी ऑनलाइन गतिबिधिओं पर भी नजर रख सकें। बच्चों के साथ हर वक्त नहीं रहा जा सकता। ऐसे में वे स्मार्टफोन, टैबलेट या कंप्यूटर पर क्या सर्च कर रहे हैं इसपर नजर रखना कभी-कभी मुश्किल हो जाता है। पैरेंटल कंट्रोल टूल इसी का इलाज है। इस टूल के जरिए आप बच्चों के स्क्रीन टाइम हैबिट को कंट्रोल करने के साथ ही उसपर नजर भी रख सकते हैं। पैरेंटल कंट्रोल के माध्यम से आप बच्चों को ज्यादा फोन या इंटरनेट का दुरूपयोग करने से रोका जा सकता है। पिछले दो वर्षों में बच्चों द्वारा पढाई के लिए ऑनलाइन माध्यम का चलन बढ़ने से इन्टरनेट का अत्याधिक उपयोग हुआ है इंटरनेट के हमारे जीवन में प्रवेश के साथ ही, हमारी दुनिया बड़े पैमाने पर बदल गई है इसके द्वारा हमारे जीवन में कुछ सकारात्मक तो कुछ नकारात्मक परिवर्तन हुए हैं। ये विद्यार्थीयों, व्यापारीयों, सरकारी एजेंसीयों, शोध संस्थानों आदि के लिये काफी फायदेमंद है। इससे विद्यार्थी अपने पढ़ाई से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते है, व्यापारी एक जगह से ही अपनी गतिविधियों को अंजाम दे सकते है, इससे सरकारी एजेंसी अपने काम को समय पर पूरा कर सकती है तथा शोध संस्थान और शोध करने के साथ ही उत्कृष्ट परिणाम भी दे सकती है। इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल का एकमात्र तरीका है, अपनी सामान्य समझ का इस्तेमाल और थोड़ी सी जागरूकता ! अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट को मजबूत पासवर्ड से सुरक्षित करें और हर प्लेटफॉर्म पर अलग पासवर्ड बनाएं। कुछ इंटरनेट कंपनियां द्वारा मिल रही अतिरिक्त सुरक्षा टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन (द्वि-कारक प्रमाणीकरण) की सुविधा का लाभ उठाएं Iफिशिंग स्कैमर बड़ी संख्या में जालसाजी वाले मैसेज भेजते हैं ताकि वे आपकी निजी जानकरी, पासवर्ड आदि हासिल कर सकें। इंटरनेट फ्रॉड से बचने के लिए हर नए या अप्रत्याशित ई-मेल पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। डाटा सुरक्षित रखने के लिए ब्राउजिंग कुकीज पर नजर रखें क्योंकि ये कुकीज अन्य साइट्स को आपकी जानकारी पहुंचाती हैं। अगर आपके साथ सोशल मीडिया पर गलत व्यवहार होता है या आप धोखाधड़ी का शिकार होते हैं तो ऐसे में आप संबंधित पेज का स्क्रीन शॉट, लिंक, तिथि और समय आदि को सहेज कर रखें ताकि शिकायत के वक्त संबंधित अथॉरिटी को सबूत के रूप में दिया जा सके। इससे न सिर्फ आरोपियों को पकड़ने में मदद मिलेगी बल्कि अपराध करने वालों में भी खौफ बैठेगा। खाते से पैसे निकाले गए हैं जो इसकी जानकारी तुरंत बैंक के कस्टमर केयर में दें या कार्ड ब्लॉक कराएं।ऐसी सावधानियां अपनाकर आप भी ऐसे धोखे से बच सकते हैं
Very important information and helpful for all thank you sir
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